भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अहम सुपर-8 ग्रुप 1 मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम को 76 रनों से शेमानक हार दी। यह मैच 22 फरवरी 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। दक्षिण अफ़्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187/7 रन बनाए, जिसमें डेविड मिलर ने शानदार 63 रन की पारी खेली और डेवाल्ड ब्रेविस (45) तथा ट्रिस्टन स्टब्स (44*) ने महत्वपूर्ण रन जोड़े, जिससे Proteas ने एक मजबूत लक्ष्य खड़ा किया। जब भारत ने लक्ष्य का पीछा किया तो उसकी शुरुआत बेहद खराब रही। भारत की बैटिंग लाइनअप जल्दी गिरती चली गई और टीम 111 रन पर सिमट गई, जिससे उन्हें 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय तरफ से शिवम दूबे ने 42 रन बनाए, जबकि दक्षिण अफ्रीका के मारको जान्सेन ने 4 विकेट लिए और किशनव महाराज ने 3 विकेट हासिल किए। यह हार सिर्फ इस मैच का परिणाम नहीं है; भारत की विश्व कप में 12 मैचों की बिना हार की अनबीटन स्ट्रीक भी टूट गई। इससे भारतीय टीम के सेमीफाइनल की राह पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि अब भारत को अपने अगले दो मैच जीतने होंगे तभी वह सेमीफाइनल की दौड़ में बने रह सकता है। मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति की जमकर सराहना की जा रही है, जबकि भारतीय टीम के फैसले और बल्लेबाजी में हुई गलतियों को हार की बड़ी वजह बताया जा रहा है। सुपर-8 पॉइंट्स टेबल में इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने बढ़त बना ली है, वहीं भारत को बाकी मैचों में दबाव में खेलना होगा।
Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारतीय टीम को ICC Men’s T20 World Cup में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी 12 मैचों की जीत की लय भी टूट गई। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने 187/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारत पावरप्ले में जल्दी-जल्दी विकेट गंवाने के कारण दबाव में आ गया और बड़ी साझेदारियां नहीं बना सका। कप्तान सूर्यकुमार ने कहा कि टीम को ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है, बस बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा और अपने स्वाभाविक खेल पर टिके रहना होगा। अब भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने बचे हुए सुपर आठ मुकाबले जीतने होंगे, हालांकि एक जीत भी काफी हो सकती है यदि प्रोटियाज बाकी मैचों में अपराजित रहते हैं। नंबर एक रैंकिंग वाले टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म भी चिंता का विषय बना हुआ है, जो इस मैच में सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हो गए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से David Miller ने 35 गेंदों में 63 रन की धमाकेदार पारी खेलकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता और टीम को शानदार जीत दिलाई। मिलर ने मैच के बाद कहा कि यह जीत साबित करती है कि भारत को हराया जा सकता है और उनकी टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम है, साथ ही 2024 में उपविजेता रहने के बाद इस बार खिताब जीतने का उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
South Africa national cricket team ने टी20 विश्व कप के सुपर 8 के अपने पहले मुकाबले में India national cricket team को 76 रन से करारी शिकस्त देकर मेजबान टीम को कड़ा झटका दिया। Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच में 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 18.5 ओवर में सिर्फ 111 रन पर ढेर हो गया, जहां मुश्किल पिच पर प्रोटियाज गेंदबाजों ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। Marco Jansen, Keshav Maharaj और Corbin Bosch ने शानदार सामूहिक गेंदबाजी का प्रदर्शन किया, जबकि भारत की ओर से Jasprit Bumrah की बेहतरीन गेंदबाजी बेकार चली गई। दक्षिण अफ्रीका के लिए David Miller, Dewald Brevis और Tristan Stubbs ने अहम पारियां खेलकर शुरुआती झटकों के बाद टीम का स्कोर 187/7 तक पहुंचाया। मैच के बाद कप्तान Aiden Markram ने कहा कि पिच अलग तरह की थी, लेकिन टीम ने हालात को जल्दी समझकर अपनी योजनाओं को बखूबी लागू किया। उन्होंने मिलर और ब्रेविस की साझेदारी को मैच का टर्निंग प्वाइंट बताया और कहा कि इससे टीम को संभलने और मुकाबले में बने रहने में मदद मिली। मार्करम ने यह भी कहा कि पारी के अंतिम ओवरों में खिलाड़ियों ने अहंकार छोड़कर रन चुराने और गैप ढूंढने पर ध्यान दिया। गेंदबाजों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि गलतियां होंगी, लेकिन टीम उनसे सीखकर आगे बढ़ेगी, और लुंगी एनगिडी जैसे गेंदबाज मध्य ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। आगामी मैचों को लेकर उन्होंने वेस्टइंडीज को खतरनाक टी20 टीम बताते हुए सतर्क रहने की बात कही। वहीं भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह विफल रही; शुरुआती विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई और कोई भी शीर्ष क्रम का बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। Suryakumar Yadav भी लय में नहीं दिखे, जबकि हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की अनुशासित गेंदबाजी ने वापसी का हर रास्ता बंद कर दिया।