आज भारतीय IT शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी Anthropic की ओर से एक नया AI टूल (Claude Cowork के लिए 11 नए प्लग‑इन्स) लॉन्च करना रहा, जिसने वैश्विक निवेशकों की सोच और IT सेक्टर के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Anthropic की यह नई तकनीक साधारण AI चैटबॉट से आगे बढ़कर कानूनी दस्तावेज़ समीक्षा, डेटा विश्लेषण, बिक्री और विपणन जैसे रोज़मर्रा के व्यावसायिक कार्यों को स्वचालित (ऑटोमेट) करने में सक्षम है, जिससे यह पारंपरिक सॉफ़्टवेयर और आउटसोर्सिंग सेवाओं को चुनौती दे सकती है जो भारतीय IT कंपनियाँ दशकों से दे रही हैं। निवेशकों का डर है कि जैसे‑जैसे ऐसे AI टूल व्यापक रूप से अपनाए जाएंगे, बड़े IT कंपनियों को ‘ह्यूमन‑इन्टेंसिव’ (कई कर्मचारियों पर निर्भर) सेवाओं की मांग कम हो सकती है, जिससे उनकी कमाई और लाभ मार्जिन पर दबाव पड़ेगा।
इस रिपोर्ट के परिणामस्वरूप वैश्विक तकनीकी शेयरों में बिकवाली (sell‑off) शुरू हुई, और जैसे ही अमेरिकी बाजारों में Infosys और Wipro के ADRs में गिरावट आई, यह भावना भारतीय ट्रेडिंग सत्र में भी फैल गयी। इसके चलते Infosys, TCS, Wipro, HCL Tech और अन्य IT शेयरों के दाम 5‑8% तक गिर गए, और Nifty IT इंडेक्स में लगभग 6% की सबसे बड़ी एक‑दिवसीय गिरावट देखी गयी, जिससे भारतीय IT कंपनियों का करीब ₹2 लाख करोड़ से अधिक का मार्केट कैप गायब हो गया। Anthropic द्वारा इस नए AI टूल की घोषणा ने निवेशकों में यह भय पैदा किया कि AI सेवाओं के आने से पारंपरिक IT सेवा मॉडल कम मूल्यवान हो सकता है, और यही भय आज भारतीय IT शेयर बाजार की बड़ी गिरावट का मुख्य trigger बन गया।
आज, 4 फ़रवरी 2026 भारतीय शेयर बाज़ार में BSE का प्रमुख 30‑Stock Index, Sensex, निवेशकों की हल्की बेच‑बिक्री और वैश्विक जोखिमों के बीच लाल निशान में ट्रेड हुआ है। सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स करीब 83,472 के स्तर तक गिर गया, जो पिछले सत्र के मुकाबले लगभग 250‑300 अंकों की गिरावट को दर्शाता है, जबकि निफ्टी 50 भी इसी कमजोरी के साथ नीचे खुला। यह कमजोरी मुख्य रूप से वैश्विक तकनीकी शेयरों में बिकवाली (sell‑off), खासकर IT सेक्टर में भारी गिरावट के कारण थी, जिससे समग्र बाजार भावना पर दबाव पड़ा है। आज सुबह के डेटा के अनुसार कई प्रमुख IT शेयरों और बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा है, जिससे सेंसेक्स की स्थिति कमजोर बनी रही। हालांकि पिछले कुछ सत्रों में भारत‑यूएस ट्रेड डील और सकारात्मक प्रोत्साहन ने मंगलवार को सेंसेक्स में जबरदस्त रैली देखी थी, जिसमें इंडेक्स 2,000 से अधिक अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था, लेकिन आज का मूड थोड़ा अस्थिर और सतर्क रहा, जिससे सेंसेक्स ने अपने कुछ लाभ खो दिए हैं। निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों, तकनीकी शेयरों की चाल और घरेलू आर्थिक डेटा पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे बाज़ार की दिशा में उतार‑चढ़ाव की उम्मीद बनी हुई है। आज भारतीय शेयर बाज़ार में Nifty IT इंडेक्स (IT सेक्टर) में भारी गिरावट देखने को मिली है और यह दिन लगातार मंदी के साथ शुरू हुआ। Infosys, TCS, Wipro, HCLTech, Tech Mahindra, Coforge सहित अधिकांश प्रमुख IT कंपनियों के शेयरों में लगभग 5 % से 8 % तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे Nifty IT इंडेक्स करीब 6 % तक टूट गया, ये आज का सबसे बड़ा सेक्टरल नुकसान रहा है।
इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तकनीकी बाजारों में बिकवाली और AI‑फियर (AI से जुड़ी चिंताएँ) है। खास तौर पर यूएस‑आधारित AI कंपनी Anthropic ने अपने Claude Cowork AI एजेंट के लिए नए AI प्लग‑इन्स और टूल्स लॉन्च किए हैं, जो अत्यधिक स्वचालन और जटिल वर्कफ़्लो निष्पादन में सक्षम हैं। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ऐसी उन्नत AI तकनीकें पारंपरिक IT सेवाओं और आउटसोर्सिंग मॉडल को कमजोर कर सकती हैं, जो भारतीय IT कंपनियों की मुख्य आय स्रोत है। इसी वजह से अमेरिकी ADRs में IT शेयर पहले ही कमजोर दिखे, और इसका असर आज घरेलू बाजार में सीधे देखने को मिला। इसके अलावा वैश्विक तकनीकी शेयरों (जैसे NASDAQ) में गिरावट, मुनाफा‑बुकिंग (profit‑booking) और उच्च वैल्यूएशन्स पर निवेशकों की सतर्कता ने भी IT शेयरों पर दबाव डाला है। IT इंडेक्स का यह फिसलना कुल बाज़ार भावना को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे निवेशक अल्पकालिक जोखिम से बचने के लिए अपने IT पॉज़िशन्स को कम कर रहे हैं। वैश्विक बाजारों में भी टेक और सॉफ़्टवेयर शेयरों की गिरावट से जोखिम‑भरी स्थिति बनी, जिससे निवेशक जोखिम से बचने के लिए अपने IT शेयरों को बेच रहे हैं। अमेरिकी ADRs (जैसे Infosys और Wipro के ADRs) में गिरावट पहले ही संकेत दे चुकी थी कि घरेलू बाजार में भी दबाव रहेगा। इसके अलावा, आईटी कंपनियों की ऊँची वैलुएशन, धीमी डील वृद्धि और वैश्विक कंपनियों का खर्च‑सामयिक (discretionary) IT खर्च घटाने का रुझान भी बाजार की नज़र में दबाव का कारण बन रहे हैं।
Anthropic एक अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप है, जो Claude AI मॉडल और उससे जुड़े टूल्स विकसित करता है। हाल ही में कंपनी ने अपने Claude Cowork एजेंट के लिए नए AI प्लग‑इन्स और टूल्स लॉन्च किए हैं, जो कानूनी, बिक्री, मार्केटिंग और डेटा विश्लेषण जैसे कार्यों को स्वचालित (automate) कर सकते हैं। इन टूल्स के लॉन्च के बाद वैश्विक तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई और विशेष रूप से भारत में IT सेक्टर के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को डर है कि ऐसे उन्नत AI सिस्टम पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं तथा मानव‑आधारित IT कार्यों को कम कर सकते हैं, जिससे कंपनियों की बिल करने योग्य घंटे, मुनाफे और रोजगार पर असर पड़ेगा। इसने Nifty IT इंडेक्स को लगभग 6% तक गिरा दिया, और Infosys, TCS, Wipro जैसे प्रमुख IT शेयरों में भारी दबाव डाला है।
Anthropic का प्रतिष्ठान AI अनुसंधान, मॉडल विकास और AI सुरक्षा पर आधारित है, और Claude परिवार के मॉडल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। कंपनी की वैश्विक उपस्थिति भी फैल रही है; भारत जैसे बड़े AI उपभोक्ता बाजार में भी इसका विस्तार योजनाबद्ध तरीके से हो रहा है, जिसमें भाषा‑आधारित समर्थन और स्थानीय AI उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि AI तकनीकों के उदय से पारंपरिक टेक सेवाओं के व्यवसाय मॉडल में बदलाव आ सकता है। Anthropic का नवीनतम AI टूल लॉन्च वैश्विक निवेश और टेक शेयर भावना पर सीधा असर डाल रहा है, क्योंकि बाजार अनुमान लगा रहा है कि AI‑आधारित स्वचालन कई मौजूदा सेवाओं और IT आउटसोर्सिंग मॉडल को चुनौती दे सकता है; यही कारण है कि आज वित्तीय बाजारों में इसके चलते व्यापक बेच‑बिक्री और अस्थिरता देखने को मिल रही है।
आज भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर में भारी दबाव और वैश्विक तकनीकी शेयरों की गिरावट के बीच Wipro के शेयरों में तीव्र गिरावट (तकरीबन 6 % तक) दर्ज की गई है, और स्टॉक ने दिन में ₹226.50 तक का इंट्राडे नीचला स्तर छुआ जो पिछले बंद स्तर से करीब 6.58 % की कटौती को दर्शाता है। यह गिरावट मुख्य तौर पर अमेरिकी और वैश्विक टेक शेयरों में बिकवाली के संकेतों के कारण आई, जहां बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट और U.S. स्थित AI स्टार्टअप Anthropic द्वारा नए AI ऑटोमेशन टूल्स का लांच बाजार में चिंता का कारण बना, जिससे निवेशकों को डर हुआ कि उच्च क्षमता वाले AI टूल्स पारंपरिक आईटी सर्विसेज की जरूरत और राजस्व पर दबाव डाल सकते हैं — खासकर आउटसोर्सिंग‑आधारित मॉडल वाले फर्मों के लिए। इसके अलावा, Wipro के ADR (American Depository Receipt) ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट दिखाई, जिससे भारतीय सत्र की शुरुआत पहले से ही कमजोर रही। निवेशक व्यापक बाजार अस्थिरता, AI‑आधारित प्रतिस्पर्धा की आशंकाओं और तकनीकी जोखिम के बीच अधिक सतर्कता दिखा रहे हैं, जिससे Wipro सहित पूरे IT सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है। यह गिरावट Wipro के स्टॉक को अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करवा रही है, और निवेशक अल्पकालिक व दीर्घकालिक दोनों दृष्टिकोण से स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।
भारत की प्रमुख आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के शेयरों में हाल के सत्रों में भारी उतार‑चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जनवरी‑फ़रवरी 2026 में TCS का शेयर करीब ₹3,100‑₹3,210 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले साल के उच्च स्तरों की तुलना में लगभग 30% से अधिक गिरावट दर्शाता है और शेयर को चार साल के निचले स्तरों के करीब ले आया है। ₹4,500 से ऊपर के अपने पिछले पीक से अब तक लगभग 34% का मुनाफा नष्ट हो चुका है, जिससे कंपनी की मार्केट कैप में भी बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। यह गिरावट मुख्यतः कमजोर तिमाही परिणामों, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और IT सेक्टर में निवेशकों की धारणा में बदलाव के कारण हुई है। कुछ ब्रोकरेज़ अभी भी TCS के AI‑आधारित सेवाओं और भविष्य की वृद्धि क्षमता को देखते हुए बाय/होल्ड रेटिंग देते हैं, जबकि कई निवेशक अल्पकालिक दबाव और कमजोर मांग को लेकर सतर्क बने हुए हैं। हालाँकि कंपनी नियमित लाभांश की घोषणा करती रही है और उसके पास मजबूत अनुबंध (डील बुक) है, मौजूदा शेयर प्राइस में उतार‑चढ़ाव और मंदी के संकेत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हैं। यह परिणाम और शेयर की स्थिति ताज़ा बाजार गतिविधियों और तिमाही रिपोर्ट के आधार पर विकसित हो रही है।
Infosys Ltd. (INFY) के शेयरों में फ़रवरी 2026 के प्रारंभिक सत्रों में काफी भारी बिकवाली और उतार‑चढ़ाव देखने को मिले हैं, खासकर IT सेक्टर में व्यापक दबाव के कारण। आज के कारोबार में Infosys सहित प्रमुख IT शेयरों में लगभग 6–7% तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे निफ्टी IT इंडेक्स भी प्रभावित हुआ, और निवेशकों की धारणा में AI‑संबंधित जोखिमों ने भूमिका निभाई। निवेशकों को यह चिंता है कि नई एआई टेक्नोलॉजीज़ (जैसे US की Anthropic की नई AI टूल्स) पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आउटसोर्सिंग सेवाओं को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे IT कंपनियों की डिमांड पर प्रभाव पड़ सकता है, यही कारण है कि Infosys के शेयरों में आज विशेष रूप से कमजोरी दिखाई दी है। इसी दौरान उसकी अमेरिकी डिपॉज़िटरी रसीदों (ADRs) में भी गिरावट देखी गई। पिछले कुछ हफ्तों में कंपनी ने अपनी सबसे बड़ी ₹18,000 करोड़ के शेयर बायबैक योजना भी प्रस्तावित और क्रियान्वित की है, जो शेयरधारकों को प्रीमियम मूल्य पर अपने हिस्सों को बेचने का अवसर देती है और यह रणनीति कंपनी की वित्तीय मजबूती के संकेत के रूप में देखी जाती है। हालांकि Buyback, डिविडेंड और कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजिक पहलों के बावजूद शेयर पर ब्रोकरेज houses का sentiment मिश्रित रहा है, और बाजार के जोखिम‑आधारित रीलायंस तथा वैश्विक IT शेयरों के sell‑off की वजह से ट्रेडिंग सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है। निवेशक अल्पकालिक उतार‑चढ़ाव और दीर्घकालिक संभावना दोनों को ध्यान में रखते हुए स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं।