दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को हुआ भीषण धमाका: लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास कार विस्फोट से राजधानी दहली, कई मृत और दर्जनों घायल

दिल्ली

10 नवंबर 2025 को देर शाम दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास लाल किला मेट्रो स्टेशन के समीप एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ जिसमें शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 8–13 लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए। अलग-अलग समाचार एजेंसियों ने आकड़ों में थोड़े अंतर के साथ इस घटना की सूचना दी। विस्फोट एक धीमी गति से चल रही कार में हुआ जब वह ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी; इससे पास की कई गाड़ियां और ऑटो-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हुए और आग फैल गयी जिसे फायरब्रिगेड ने बुझाया। अधिकारियों ने कहा है कि घटनास्थल की सीसीटीवी और आसपास के सबूत व पुख्ता जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), विशेष सेल व अन्य केन्द्रिय जांच इकाइयाँ घटनास्थल पर सक्रिय हैं और प्रकरण को आतंकवादी हमले के तौर पर भी परखा जा रहा है।कुछ रिपोर्टों में यह बताया गया है कि मामले में उकसाने/आतंकी कड़ी की संभावित कड़ियाँ फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर से जुड़ी जांचों से जोड़ी जा रही हैं। दिल्ली पुलिस/अन्य जांच अधिकारियों ने विस्फोट में प्रयुक्त सामग्री की प्रारंभिक जांच करवाई है और कुछ संदिग्धों/कार के मालिक या उससे जुड़े लोगों से पूछताछ की खबरें आ रही हैं; कानून-व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।प्रधानमंत्री और केन्द्रीय राहत/गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना पर नज़र रखे जाने और पीड़ितों/परिजनों के लिए जरूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, तथा जांच पूरी पारदर्शिता से कर यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि विस्फोट कैसे और किसने करवाया।

प्रारम्भिक रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट लगभग शाम 6:50-7:00 बजे हुआ और इसके कारण लगभग 20-30 लोग घायल बताए जा रहे हैं; घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जाँच में पता चला है कि विस्फोटक पदार्थ की तेज़ आग ने आस-पास की कई गाड़ियों और ऑटो-रिक्शाओं को भी जला दिया; साइट पर फॉरेंसिक टीम, बम निष्क्रिय दस्ते और दिल्ली पुलिस सहित केंद्रीय एजेंसियाँ मौके पर सक्रिय हैं। कई समाचारों के अनुसार विस्फोट की पहली जाँच आतंकवाद के एंगल पर भी की जा रही है और मामले को UAPA तथा विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है; राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) भी शामिल किए जा चुके हैं।

TIMELINE OF EVENTS:

  • लगभग 6:52 PM (IST) एक धीमी गति से चल रही कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी, ठीक Lal Quila Metro Station (गेट नं. 1) के समीप। तभी उस वाहन में एक तेज विस्फोट हुआ।

  • तुरंत बाद  विस्फोट से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई और आसपास की कई कारें/ऑटो-रिक्शा आग की चपेट में आ गए। आसपास के लोगों ने “बहुत जोर की आवाज़ आई”, “खिड़कियाँ हिल गईं” जैसी बातें कही।

  • लगभग 7:29 PM (IST) आग लगभग 37 मिनट में नियंत्रण में लाई गई।

  • इसके तुरंत बाद Amit Shah (गृह मंत्री) घटनास्थल पर पहुँचे और कहा कि जांच सभी एंगल से की जाएगी।

  • तुरंत ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया; दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ Mumbai, Uttar Pradesh आदि राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

  • प्रभावित आंकड़े कम-से-कम 8 लोगों की मृत्यु, लगभग 20 लोग घायल। संख्या रिपोर्ट्स में थोड़ी-बहुत अलग-अलग दी गई है।

  • जांच की दिशा : विस्फोट वाहन का मॉडल कल स्थापित हुआ (कहा गया: Hyundai i20) और सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा तथा विस्फोट के अवशेष भेजकर फॉरेंसिक जांच प्रारंभ की गयी।

  • आर्थिक-सामाजिक असर : विस्फोट क्षेत्र चाँदनी चौक (Old Delhi) के थोक बाजार के पास है, जिससे वहाँ के व्यापार और फुटफॉल पर भी असर पड़ने का अनुमान है।

  • यह हमला एक भीड़-भाड़ वाले स्थान पर हुआ; शाम के समय जब यातायात और लोग काफी थे।

  • अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विस्फोट “आकस्मिक” था या “आयोजित” हमला; लेकिन सुरक्षाबलों ने सभी विकल्प खुले रखे हैं।

  • देश-व्यापी सुरक्षा व्यवस्था को झटका लगा है और राजधानी में तथा आसपास के राज्यों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

जांच के लिये सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल-डेटा, टोल/इंटेलिजेंस अलर्ट और निकटस्थ गवाहों के बयान एक-साथ परखे जा रहे हैं; नोशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), दिल्ली-विशेष सेल और स्थानीय पुलिस ने फॉरेंसिक टीमों के साथ मिलकर स्थल से लिये गए ऊष्मा-नमूने, धातु के टुकड़े, जले हुए कपड़े/प्लास्टिक व वाहन के हिस्सों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। जांच से यह तथ्य सामने आया है कि हरियाणा के Faridabad में एक कार लग्जेंडर छापे में लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक-निर्माण सामग्री जब्त की गई है और इसी दिन एक अन्य न्यायिक कार्रवाई में लगभग 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और हथियार भी बरामद हुए।

  • उसी छापे में 12 सुइटकेस, 20 टाइमर, एक राइफल, चल रहे हथियार व गोला-बारूद भी मिले हैं।

  • पुलिस एवं जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक बड़े आतंक-मॉड्यूल के अंतर्गत की गई है, जिसमें विभिन्न राज्य एवं संभावित सीमा पार कनेक्शन भी शामिल हैं।

  • सोमवार, 10 नवम्बर 2025 की शाम को लाल किला के पास एक कार में विस्फोट हुआ, जिसके बाद वहां सुरक्षा हालात बेहद गंभीर हो गए।

  • इस घटना के तुरंत बाद Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने लाल किला मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा कारणों से बंद करने का निर्णय लिया।

  • सूचना के अनुसार अन्य मेट्रो स्टेशनों पर सेवा सामान्य रूप से जारी है, लेकिन लाल किला स्टेशन में यात्रियों की एंट्री‑गेट्स बंद कर दिए गए हैं।

  • इस कदम का उद्देश्य वहाँ मौजूद भीड़ को नियंत्रित करना और प्राथमिक जाँच एवं फॉरेंसिक कार्रवाई को सहज रूप से संचालित करना था।

  • यदि आप मेट्रो के वैकल्पिक मार्ग (alternate routes) या प्रभावित ज़िलों की जानकारी चाहते हैं, तो मैं वह विवरण भी उपलब्ध करा सकता हूँ।

प्रारंभिक फॉरेंसिक रिपोर्टों और मीडिया-सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि विस्फोट “उच्च-तीव्रता” का था और जांचकर्ता विस्फोट-अवशेषों (residue) में एमनियम नाइट्रेट/इम्प्रोवाइज़्ड विस्फोटक सामग्री (IED-type components) की संभावना पर भी जांच कर रहे हैं; परन्तु कई खबरें साथ ही यह भी स्पष्ट करती हैं कि रसायन-लैब परीक्षण अंतिम पुष्टि करेगी और जांच अभी जारी है। सम्बन्धित खबरों में कहा गया है कि रात भर कई छापेमारी/होटल-खोजें और कुछ व्यक्तियों की गिरफ्तारियाँ/हिरासत हुईं। कुछ रिपोर्टों में कम-से-कम चार संदिग्धों के गिरफ्तारी-कदमों का जिक्र है और पुलिस ने घटना से जुड़े संभावित कनेक्शनों (उदाहरण-पुरवाटिका: कार के पिछले स्वामित्व, बिक्री-रूपांतरण, शहरों में घूमने के रेकॉर्ड) की पड़ताल तेज की है; किन्तु अदालतीन कार्रवाई और आधिकारिक आरोप-पत्र (chargesheet) आने तक “आतंकवादी संगठनों” या किसी विशिष्ट समूह के ठोस जुड़ाव का सार्वजनिक सत्यापन नहीं हुआ है। अंत में फॉरेंसिक टीमों ने स्थल से मिले अवशेषों (कार के अंदर के जल-निशान, विस्फोटक-अवशेष, नली/वायरिंग/कनेक्टर के हिस्से और निकटस्थ वाहन-ध्वस्तावशेष) को केंद्रीय प्रयोगशालाओं को भेज दिया है; वैज्ञानिक परीक्षणों (रासायनिक-विश्लेषण, फिंगरप्रिंट/डीएनए-मैपिंग, सीसीटीवी-टाइमलाइन मिलान) के बाद ही विस्फोट के प्रकार, स्रोत और संदिग्ध नेटवर्क के बारे में निर्णायक निष्कर्ष जारी होंगे। फिलहाल अधिकारियों ने कई दिशाओं में जांच खुली रखी है और परिणाम का सार्वजनिक संक्षेप तब किया जाएगा जब प्रयोगशाला-रिपोर्टें और पूछताछ-निष्कर्ष उपलब्ध हों।

अभी तक की ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस/जांच एजेंसियों ने अलग-अलग स्थानों पर कुछ लोगों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया है।दिल्ली पुलिस ने घटना से सीधे जुड़े कम-से-कम 4 लोगों को हिरासत में लिया/प्राथमिक रूप से रोका है और विस्फोट में इस्तेमाल हुई कार के एक पिछले मालिक (owner) को भी गिरफ्तार किया गया बताया जा रहा है। साथ ही मामले से जुड़े संभावित व्यापक नेटवर्क की जांच में गुजरात/हरियाणा आदि जगहों पर चल रही तफ्तीश के दौरान कुल मिलाकर करीब 9 लोगों तक गिरफ्तारी/हिरासत की खबरें भी रिपोर्ट हुई हैं (यह व्यापक छापामार व विस्फोटक बरामदगी से जुड़ी खबरों के संदर्भ में है)। यह संख्या अभी बदल सकती है क्योंकि जांच चल रही है और अधिकारी लगातार नए बयान दे रहे हैं।

प्रमुख खुलासे

  1. फरीदाबाद में एक बड़े पैमाने पर आतंकवादी रेड के दौरान लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ था, जोकि दो डॉक्टरों के ठिकानों से हुआ।

  2. उस रेड में से एक डॉक्टर डॉ. मुज़म्मिल शकील नाम से सामने आया, जिसने फरीदाबाद के एक रेंट‑हाउस में 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और काल‑घड़ी, टाइमर, एवं हथियारों की बरामदगी की जानकारी पुलिस को दी थी।

  3. जाँच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल बाहरी हैंडलर्स (पाकिस्तान/जम्मू‑कश्मीर से) द्वारा संचालित था, जिसमें डॉक्टरों, प्रोफेशनल्स को आतंकवाद के नेटवर्क में शामिल किया गया था।

  4. रेड के समय फरीदाबाद के ठिकानों से AK‑47 राइफल, पिस्तौल, कारतूस व अन्य हथियार भी बरामद हुए थे।

  5. उसी दिन (10 नवंबर) दिल्ली के लाल किला के पास कार विस्फोट हुआ था, और उस विस्फोट में इस्तेमाल हुई कार का संबंध उस नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है।

  6. विस्फोट स्थल पर क्रेटर नहीं मिला है, एवं शोर‑शिपल और पारंपरिक बम विस्फोट के लक्षण नहीं मिल रहे, जिससे शक बढ़ गया है कि यह सामान्य विस्फोटक हमला नहीं था।

  7. सीसीटीवी फुटेज में पता चला है कि विस्फोट की कार (कहानी के अनुसार) करीब 2‑3 घंटे पार्क की हुई थी लाल किला के पास।

  8. इस घटना के बाद दिल्ली‑एनसीआर में हाई अलर्ट जारी किया गया है, और केंद्रीय एजेंसियाँ शामिल हो गई हैं।

  9. “डॉक्टर्स को इस्तेमाल करना क्योंकि किसी को शक नहीं होगा” जैसी बात जाँच में सामने आई है — यानी प्रोफेशनल्स के बीच छुपा आतंकी नेटवर्क।

  10. हालांकि अभी तक यह पक्का नहीं हुआ है कि डॉ. उमर ने ख़ुद विस्फोट किया है या नहीं — लेकिन जाँच में उन्हें उस मॉड्यूल से जोड़कर देखा जा रहा है।

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