ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का निधन हुआ है, ईरानी सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की है

अयातुल्लाह अली खामेनेई

अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ईरान के सबसे प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक नेता रहे, जिन्होंने जून 1989 से मार्च 2026 तक ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में शासन किया। वे 1939 में माश्हद, ईरान में जन्मे और क़ूम में धार्मिक अध्ययन के बाद 1979 के इस्लामी क्रांति में सक्रिय भूमिका निभाई। क्रांति के बाद उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति (1981–1989) के रूप में भी कार्य किया, और रूहोल्ला खुमैनी की मौत के बाद सर्वोच्च नेता बने, जहां से उन्होंने आजीवन सत्ता का नियंत्रण संभाला। उनके पास ईरान की राजनीतिक, सैन्य, न्यायिक और विदेश नीति पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार था, और वे इस्लामी संगठनों तथा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को मजबूत करना अपनी प्राथमिकता मानते थे। उनके शासन के दौरान ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और अन्य पश्चिमी देशों के साथ तीव्र तनाव और विवाद का अनुभव किया, विशेष रूप से देश के नाभिकीय कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और प्रॉक्सी गुटों के समर्थन को लेकर। उनके खिलाफ कई बड़े विरोध और प्रदर्शनों जैसे 2009 की ग्रीन मूवमेंट और 2022 “वुमन, लाइफ, फ्रीडम” विरोध शामिल थे, जिन्हें उन्होंने कड़ी सख्ती से दबाया, जिससे मानवाधिकार उलंघन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध की आलोचना हुई। आलोचक उन्हें कट्टर, नियंत्रणवादी और अवहेलना मुक्त शासन के लिए दोषी ठहराते हैं, जबकि समर्थक उन्हें विदेशी दबावों के खिलाफ ईरानी संप्रभुता के रक्षक के रूप में देखते हैं।

फरवरी 28, 2026 को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले के दौरान खामेनेई की हत्या की रिपोर्ट आई है, और अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे “ईरानी लोगों के लिए न्याय” बताया है। ईरान के सरकारी टीवी ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जबकि कुछ रिपोर्टों में अमेरिका-इज़राइल के इस संयुक्त अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” कहा गया है। उनके निधन के साथ ईरान में नेतृत्व का पावर वैक्यूम और राजनीतिक अस्थिरता की संभावना बढ़ गई है क्योंकि सकल राजनीतिक भविष्य और नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अयातुल्लाह अली खामेनेई, जो ईरान के सुप्रीम लीडर थे और 1989 से देश के सर्वोच्च धार्मिक तथा राजनीतिक नेता रहे, की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया और राज्य टीवी ने 1 मार्च 2026 को घोषणा की कि 86 वर्ष की आयु में खामेनेई अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में घायल होकर मारे गए हैं। उनके निधन की खबर के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है, और इसे “शहीद” के रूप में वर्णित किया गया है। इस हमले के दौरान उनके परिवार के सदस्यों के भी मारे जाने की रिपोर्टें आई हैं, जिसमें उनकी बेटी, दामाद और पोती शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना के साथ ही ईरान में राजनीतिक अस्थिरता और नेतृत्व के भविष्य को लेकर अनिश्चय बढ़ गया है, क्योंकि खामेनेई की मृत्यु ने देश की सत्ता संरचना में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। यह खबर विश्व स्तर पर बड़े पैमाने पर सुर्खियों में है और संयुक्त राज्य अमेरिका तथा इज़राइल के साथ ईरान के तनावपूर्ण माहौल को नई ऊँचाई पर ले जाने वाली घटना मानी जा रही है।

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