नवंबर 2025 की शुरुआत में, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने British Broadcasting Corporation (BBC) के खिलाफ 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मानहानि की मांग सहित मुकदमे का धमकी दी है, यह आरोप लगाते हुए कि बीबीसी ने 6 जनवरी 2021 को उनके द्वारा दिए गए एक भाषण का ऐसा एडिट किया है जिससे उन्हें हिंसा भड़काने वाला दिखाया गया। BBC ने स्वीकार किया है कि उस संपादन में “error of judgement” (निर्णय‑त्रुटि) हुई थी। Donald Trump ने BBC पर मुकदमे की धमकी दी है क्योंकि उनके 6 January 2021 के भाषण को BBC की डॉक्यूमेंट्री Panorama में इस तरह संपादित किया गया कि ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्होंने सीधे हिंसा का आह्वान किया था। इस संपादन में उनके कथनों को जोड़‑मिलाकर दर्शाया गया कि उन्होंने समर्थकों को उकसाया, जबकि वास्तविक भाषण में Trump ने कहा था कि वे “शांतिपूर्वक और देशभक्तिपूर्वक मार्च करेंगे।” इस विवाद के जवाब में BBC के Chairman Samir Shah ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और इसे “error of judgement” करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि BBC में संस्थागत पक्ष‑पात नहीं है, लेकिन व्यक्तिगत त्रुटियाँ हुई हैं। इस घटना के चलते BBC के Director‑General Tim Davie और News Chief Deborah Turness ने इस्तीफा दे दिया। Trump की कानूनी टीम ने BBC को पत्र भेजकर कहा कि उन्हें डॉक्यूमेंट्री को वापस लेना चाहिए, सार्वजनिक माफी देनी चाहिए और उचित मुआवजा देना चाहिए; अन्यथा वे लगभग US$ 1 billion का मुकदमा दायर करेंगे। BBC ने कहा है कि उन्होंने पत्र प्राप्त कर लिया है और उचित समय में जवाब देंगे। यह विवाद BBC की विश्वसनीयता, संचालन और निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है और मीडिया एवं कानूनी विशेषज्ञ इसे अमेरिकी मानहानि कानून और सार्वजनिक ब्रॉडकास्टिंग की चुनौतियों के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
BBC की चर्चित कार्यक्रम श्रृंखला Panorama ने अक्टूबर 2024 में एक डॉक्यूमेंट्री, जिसका शीर्षक था “Trump: A Second Chance?”, प्रसारित की थी। इस डॉक्यूमेंट्री में Donald Trump के 6 जनवरी 2021 को दिए गए भाषण का एक संशोधित (edited) अंश दिखाया गया। उस भाषण में ट्रम्प ने समर्थकों से कहा था: “We’re going to walk down to the Capitol, and I’ll be there with you…” और फिर “We fight like hell…” जैसी पंक्तियाँ थीं। लेकिन विवाद यह उठा कि BBC ने इन कथनों को इस तरीके से जोड़ा कि ऐसा प्रतीत हुआ कि ट्रम्प ने सीधे तौर पर हिंसा के लिए आह्वान किया हो। उदाहरण के लिए, वास्तविकता में बोले गए वाक्य लगभग पचास मिनट अलग-अलग वक्त पर दिए गए थे, जबकि डॉक्यूमेंट्री में उन्हें लगातार (contiguous) दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, ट्रम्प ने अपने भाषण के एक हिस्से में समर्थकों को “peacefully and patriotically” मार्च करने का आह्वान भी किया था; लेकिन उस हिस्से को या तो हटा दिया गया या बहुत कम हाइलाइट किया गया।
विवाद के विकास की रूपरेखा इस प्रकार है:
एक पूर्व सलाहकार Michael Prescott ने BBC की एडिटिंग तथा पत्रकारिता मानदंडों (editorial standards) पर एक मेमो भेजा, जिसमें उन्होंने कहा कि BBC ने दर्शकों को “materially misled” किया है। खास कर उस विवादास्पद एडिट में जिसमें Donald Trump के भाषण के दो अलग‑अलग हिस्सों को जोड़कर उनके द्वारा “हम कैपिटल की ओर चलेंगे… और हम ‘fight like hell’ करेंगे” जैसा आह्वान बताया गया। उस रिपोर्ट के लीक होने के बाद मीडिया में व्यापक चर्चा हुई, जिसमें यह आरोप भी लगा कि BBC ने चुनावी कवरेज और वोटिंग‑परिस्थितियों की रिपोर्टिंग में निष्पक्षता (impartiality) का उल्लंघन किया है। 10 नवंबर 2025 को BBC के चैयरमैन Samir Shah ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उस एडिट एक “error of judgment” थी, जिसने वास्तव में “प्रत्यक्ष हिंसात्मक कार्रवाई के लिए आह्वान” का आभास पैदा किया था। उसी दिन BBC के डायरेक्टर‑जनरल Tim Davie और न्यूज प्रमुख Deborah Turness ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, इस विवाद के परिणामस्वरूप।
ट्रम्प की कानूनी टीम ने BBC को एक पत्र भेजा है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि आउटलेट ने उनकी 6 जनवरी 2021 की भाषण का ऐसा एडिट प्रसारित किया जिसमें “false, defamatory, disparaging and inflammatory statements” शामिल हैं। इस पत्र में BBC से यह भी मांग की गई है कि जिस डॉक्यूमेंट्री में यह एडिट किया गया था उसे तुरंत वापस लिया जाए, एक सार्वजनिक माफी दी जाए, और ट्रम्प की प्रतिष्ठा तथा वित्तीय नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही कहा गया है कि यदि BBC शुक्रवार तक इस तरह की कार्रवाई नहीं करती है तो ट्रम्प कम‑से‑कम US$1 बिलियन की राशि का मुकदमा किए जाने की धमकी दे रहे हैं। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व के लिए अमेरिका में मानहानि‑मुकदमा जीतना बेहद मुश्किल है क्योंकि वहाँ प्रथम संशोधन (First Amendment) द्वारा भाषण‑स्वतंत्रता को व्यापक रूप से संरक्षित किया गया है, और विदेश‑स्थापित या विदेशी प्रकाशकों के खिलाफ फैसलों को लागू कराना भी जटिल है।
BBC ने कहा है कि इस पूरे मामले को संगठन‑व्यापी (systemic) पूर्व वयवस्थित पक्षपात के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक संपादन की व्यक्तिगत गलत फैसले के रूप में माना जाना चाहिए। वे स्वीकार करते हैं कि जिस तरह से भाषण को एडिट किया गया, उससे ऐसा लग सकता है कि प्रत्यक्ष हिंसात्मक आह्वान किया गया था,“error of judgement” उन्होंने इसे कहा है। BBC अब अपनी आंतरिक समीक्षा शुरू कर रही है, पत्रकारिता के मानदंडों (editorial standards) की निगरानी बढ़ा रही है, और नेतृत्व‑बोर्ड में संभावित बदलाव के लिए तैयार है। यह तब हो रहा है जब यह एक बड़ी संस्थागत चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें उसके फंडिंग मॉडल लाइसेंस फी (licence fee) समेत उसके सार्वजनिक‑सेवा‑रोल की समीक्षा भी शामिल है।
अगर इस मामले में Donald Trump द्वारा मुकदमा चल भी जाता है, तो उसे लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस परिस्थिति में यह संभव है कि BBC शांतिपूर्वक समझौता करे या इस विवाद के कारण अपने मीडिया स्वतंत्रता और दर्शकों की विश्वसनीयता बनाए रखने वाले कदम उठाए। ब्रिटेन में BBC का licence fee मॉडल और उसकी सार्वजनिक सेवा भूमिका अब विशेष रूप से राजनीति और सार्वजनिक समीक्षा के दायरे में आ गयी है; इस विवाद ने इसे मौका भी प्रदान किया है कि BBC अपने भविष्य मॉडल पर पुनर्विचार करे।