Chandrapuram Ponnusamy Radhakrishnan, जिन्हें C.P. Radhakrishnan के नाम से जाना जाता है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रतिबद्ध स्वयंसेवक हैं। 17 अगस्त 2025 को, भाजपा ने उन्हें आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का उम्मीदवार घोषित किया। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया।
C.P. Radhakrishnan का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तिरुपुर में प्राप्त की और बाद में वी. ओ. चिदंबरम कॉलेज, तूतिकोरिन से व्यवसाय प्रशासन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 17 वर्ष की आयु में उन्होंने भारतीय जनसंघ से जुड़कर राजनीति में कदम रखा और बाद में भाजपा में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
राजनीतिक जीवन में, C.P. Radhakrishnan ने 1998 से 2004 तक लोकसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। इसके बाद, उन्होंने 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनकी छवि एक ईमानदार और निष्कलंक नेता के रूप में रही है। 2023 में, उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 2024 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
C.P. Radhakrishnan ने अपने राजनीतिक जीवन में भाजपा और देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 1998 से 2004 तक लोकसभा सांसद के रूप में कार्य करते हुए तमिलनाडु और राष्ट्रीय स्तर पर कई विकासात्मक परियोजनाओं और जनहितकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया। सांसद रहते हुए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता की।
2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क को बेहतर किया। उनके कार्यकाल में भाजपा ने दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति और पहचान मजबूत की। इसके अलावा, राज्यपाल के रूप में झारखंड और महाराष्ट्र में उन्होंने प्रशासनिक दक्षता और संतुलित निर्णयों के लिए प्रशंसा प्राप्त की। उनकी छवि एक ईमानदार, निष्कलंक और जनता के प्रति समर्पित नेता के रूप में रही है, जो हमेशा देश और समाज की सेवा को सर्वोपरि मानते हैं।
भारत में उपराष्ट्रपति (Vice President) का पद संविधान द्वारा स्थापित है और इसे भरने की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक है। उपराष्ट्रपति को भारत के नागरिकों द्वारा प्रत्यक्ष नहीं, बल्कि संसद के निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से चुना जाता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सांसद मतदान करते हैं। यह मतदान गोपनीय (Secret) और न्यायसंगत होता है।
उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए और उसे भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। उम्मीदवार बनने के लिए उसे नॉमिनेशन पत्र जमा करना पड़ता है, जिसे कम से कम 20 निर्वाचित सांसदों द्वारा समर्थन प्राप्त होना आवश्यक है। यदि किसी चुनाव में एक ही उम्मीदवार हो, तो वह निर्विरोध उपराष्ट्रपति बन जाता है। यदि कई उम्मीदवार हों, तो चुनाव प्राथमिकता वोटिंग (Single Transferable Vote) के आधार पर होता है। इसका मतलब यह है कि सांसद अपनी पसंद के अनुसार उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं, और मतों की गणना के बाद सबसे अधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है।
निर्वाचित उम्मीदवार को सफल घोषित करने के बाद राष्ट्रपति के सामने शपथ दिलाई जाती है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच साल का होता है, और वह समाप्त होने के बाद पुनः चुना जा सकता है। यदि उपराष्ट्रपति का पद खाली हो जाता है, तो नया चुनाव आयोजित किया जाता है।
उपराष्ट्रपति के प्रमुख कार्य और जिम्मेदारियां:
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वह राज्यसभा (Rajya Sabha) का सभापति होता है और सदन की कार्यवाही का संचालन करता है।
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राष्ट्रपति के अनुपस्थित रहने पर या पद रिक्त होने पर, संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रपति के कुछ कार्यों का निर्वहन कर सकता है।
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उपराष्ट्रपति संसद के निर्णयों और कानून बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में सुझाव और मार्गदर्शन देने का अधिकार होता है।
भारत में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति संवैधानिक प्रक्रिया, पारदर्शी चुनाव और लोकतांत्रिक मतदान के माध्यम से होती है। यह पद केवल सम्मानजनक ही नहीं, बल्कि संसद और देश के शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
Radhakrishnan की उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी भाजपा की रणनीतिक योजना का हिस्सा है, जो विशेष रूप से तमिलनाडु और दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए है। उनकी उम्मीदवारी से भाजपा को पश्चिमी तमिलनाडु में अपने आधार को मजबूत करने की उम्मीद है।
Radhakrishnan ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व को उनके विश्वास के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह देश की सेवा में अपनी अंतिम सांस तक कार्य करेंगे।उनकी उम्मीदवारी पर विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) की प्रतिक्रिया अभी बाकी है, और यह देखा जाना बाकी है कि वे किसे अपना उम्मीदवार घोषित करते हैं।